राजनांदगांव : सभी इंडस्ट्रीज व पावर प्लांट सुरक्षा मानकों का पालन करें…
राजनांदगांव , कलेक्टोरेट सभाकक्ष में सक्ती जिले के ग्राम सिंघीतराई स्थित पावर प्लांट में हुए हादसे के मद्देनजर जिले के सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों की बैठक कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने गुरुवार को ली। उन्होंने कहा कि सभी औद्योगिक प्रतिष्ठान एवं पावर प्लांट सुरक्षा के मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि औद्योगिक प्रतिष्ठानों में श्रमिकों की सुरक्षा के लिए मापदंडों के अनुरूप सभी आवश्यक उपकरण एवं मशीन की व्यवस्था होनी चाहिए।
भविष्य में ऐसे हादसे एवं दुर्घटना न हो इसके के लिए सभी औद्योगिक प्रतिष्ठान आवश्यक सावधानी एवं सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था रखेंगे। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं पावर प्लांट में कमियां पाई गई है, जिन्हें एक सप्ताह में प्राथमिकता से ठीक करें। उन्होंने अग्निशामक यंत्र, फायर अलार्म, मशीनों का उचित संचालन, उपकरण, रखरखाव, बायलर, सीसीटीवी कैमरा, सुरक्षा मापदण्ड, कचरा प्रबंधन के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं पावर प्लांट में तकनीकी प्रक्रियाओं एवं कार्यों का सतत निरीक्षण होना चाहिए। वायु प्रदूषण से संबंधित उद्योगों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए एएसपी अंतर्गत, डस्ट संग्रहण, बैग फिल्टर, बैग हाऊस, वेट स्क्रबर, उद्योगों में संभावित प्रदूषण के दृष्टिगत जल छिड़काव व्यवस्था होनी चाहिए। जल प्रदूषणकारी उद्योगों में जल प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए ईटीपी, न्यूट्रालाईजेशन पिट, सेटलिंग टैंक होना चाहिए। कलेक्टर ने कहा कि सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों में जल संरक्षण के लिए वाटर स्ट्रक्चर का निर्माण कराएं। उन्होंने कहा कि जिले में जल संरक्षण के लिए चलाए जा रहे मिशन जल रक्षा अंतर्गत जल के संरक्षण के लिए विभिन्न तरह के रिचार्ज स्ट्रक्चर बनाए जा रहे हैं।
15 मई तक व्यवस्था दुरुस्त करने कहा उन्होंने सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों को 15 मई तक वाटर रिचार्ज स्ट्रक्चर, रैन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर का निर्माण करने के निर्देश दिए। पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के दृष्टिगत पौधरोपण के लिए निर्देश दिए। प्रजेंटेशन के माध्यम से इंजेक्शन वेल, बोरवेल रिचार्ज, रिचार्ज किट एवं रिचार्ज साफ्ट, उद्योगों में पानी का पुन: उपयोग, स्लम वाटर ड्रेनेज प्रबंधन, परकोलेशन टैंक रिचार्ज, मिनी परकोलेशन टैंक एवं वाटर स्ट्रक्चर के संबंध में जानकारी दी गई। अग्निशामक यंत्रों व सुरक्षा उपायों के संबंध में बताया गया।

